बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: दान गणना रजिस्टर में गड़बड़ी, खजांची हटाया गया; केदार सिंह को नई जिम्मेदारी
चमोली जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जांच के दौरान दान गणना प्रक्रिया में गंभीर खामियां सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बड़ा कदम उठाते हुए खजांची संदेश मेहता को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह पूजा कार्यालय में तैनात केदार सिंह रावत को नया खजांची नियुक्त किया गया है।मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है और शुरुआती पड़ताल में दान गणना रजिस्टर में अनियमितताएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि रजिस्टर में प्रविष्टियों और वास्तविक रकम के बीच अंतर को लेकर संदेह गहराया, जिसके बाद बीकेटीसी ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की। हटाए गए खजांची को अब पूजा कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।इस प्रकरण में केवल एक व्यक्ति तक कार्रवाई सीमित नहीं रहने वाली है। समिति अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और जल्द ही कुछ कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, दान की गणना और उसके रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया में लापरवाही और पारदर्शिता की कमी सामने आई है, जिसे लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है।चढ़ावा हेराफेरी के इस संवेदनशील मामले की त्रिस्तरीय जांच चल रही है। बीकेटीसी की चार सदस्यीय टीम पहले ही अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर चुकी है। इसके अलावा पुलिस और शासन स्तर पर भी अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। जांच का दायरा सिर्फ गणना प्रक्रिया तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सुनियोजित तरीके से गड़बड़ी तो नहीं की गई।मंगलवार को मंडलायुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति बदरीनाथ धाम पहुंची और मौके पर विस्तृत निरीक्षण किया। समिति ने मंदिर परिसर में चढ़ावे की गणना की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझा और गणना कक्ष की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही समिति ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला, ताकि हेराफेरी से जुड़े संभावित सुराग मिल सकें।समिति के निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि गणना कक्ष में सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम पर्याप्त हैं या नहीं। प्रारंभिक संकेतों से स्पष्ट हुआ है कि कुछ प्रक्रियागत कमियां रही हैं, जिनका फायदा उठाकर गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही हैं।बदरीनाथ धाम में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में दान चढ़ाते हैं। ऐसे में चढ़ावे की पारदर्शी और सुरक्षित गणना बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस घटना ने न केवल मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को भी प्रभावित किया है।फिलहाल सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की जाएगी।

