गंगा स्वच्छता पर सख्त रुख: मुख्य सचिव ने एसटीपी की 24 घंटे निगरानी और रियल टाइम मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
देहरादून, 13 जुलाई 2026
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राज्य गंगा समिति की 19वीं बैठक आयोजित हुई, जिसमें गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता, सीवरेज प्रबंधन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य गंगा समिति और जनपद गंगा समितियों की बैठकें निर्धारित समयसीमा के भीतर नियमित रूप से आयोजित की जाएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई न हो।
मुख्य सचिव ने स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा (SPMG) के स्तर पर एक प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे गंगा स्वच्छता से जुड़े कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने राज्यभर में संचालित सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की 24 घंटे निगरानी के लिए ठोस मैकेनिज्म तैयार करने पर बल दिया। इसके तहत एसटीपी के इनलेट और आउटलेट पॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला और राज्य स्तर पर सभी एसटीपी की रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था अगले एक महीने के भीतर विकसित कर प्रस्तुत की जाए। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) को निर्देश दिए गए कि वे औचक निरीक्षण कर प्रदेशभर के एसटीपी की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जा सके।
बैठक में गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे प्रमुख शहरों—हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश और देहरादून—में सीवरेज नेटवर्क के विस्तार पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि इन शहरों में सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना बेहद जरूरी है, जिससे बिना उपचारित गंदा पानी नदियों में जाने से रोका जा सके।
इसके अलावा, एसटीपी से निकलने वाले उपचारित जल के प्रभावी और सुरक्षित उपयोग पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस पानी का उपयोग सिंचाई, औद्योगिक कार्यों और अन्य उपयोगी क्षेत्रों में बढ़ाया जाए, ताकि जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सके और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और गंगा स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स की स्थिति से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और समयबद्ध तरीके से लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर सचिव रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव एवं सदस्य सचिव यूकेपीसीबी डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव रोहित मीणा सहित विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में गंगा स्वच्छता को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

