देहरादून में बारिश का कहर: सुरक्षा दीवार ढही, कई परिवारों में दहशत; देहरादून-टिहरी में ऑरेंज अलर्ट जारी
देहरादून।
उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार देर शाम हुई मूसलधार बारिश के कारण देहरादून के विजय कॉलोनी स्थित खाला बस्ती में एक सुरक्षा (रिटेनिंग) दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि एक महिला घायल हो गई। लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने देहरादून और टिहरी गढ़वाल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले घंटों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
सुरक्षा दीवार गिरने से मची अफरा-तफरी
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार बारिश के चलते जमीन कमजोर हो गई थी। देर शाम अचानक सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे आसपास के तीन मकानों को नुकसान पहुंचा। हादसे में घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए दून अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों ने एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों का रुख किया।
मौके पर पहुंचे मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को क्षेत्र के अन्य संवेदनशील स्थानों का तत्काल निरीक्षण करने तथा संभावित खतरे वाले इलाकों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट, अगले कुछ घंटे अहम
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून और टिहरी गढ़वाल के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों तक तेज बारिश, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से निम्न क्षेत्रों में अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है—
- सहस्त्रधारा
- रायपुर
- सुद्धोवाला
- मसूरी
- धनोल्टी
- कोटी
- सकलाना रेंज
इन क्षेत्रों में जलभराव, छोटे नालों के उफान और पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
भूस्खलन और जलभराव का बढ़ा जोखिम
लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों की मिट्टी में नमी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मौसम में रिटेनिंग वॉल, पहाड़ी कटान और कमजोर ढलानों वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी भी की जा रही है।
प्रशासन की एडवाइजरी
प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि—
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास न जाएं।
- मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखें।
- किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
- बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
राहत और बचाव अभियान जारी
घटना के बाद पुलिस, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। मलबा हटाने, क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन करने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भी तैनात किए जाएंगे।
