सीएम को सौंपा ज्ञापन, शाम तक मिली सिलाई मशीन
सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में एक बार फिर सरकार की त्वरित कार्यप्रणाली का उदाहरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिविर में पहुंचे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक समस्या का समाधान तय समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान एक स्थानीय महिला की समस्या का जिस तेजी से समाधान हुआ, वह पूरे शिविर में चर्चा का विषय बन गया।शिविर में सहसपुर क्षेत्र की निवासी श्रीमती बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपते हुए अपनी आजीविका से जुड़ी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि वह जूट बैग बनाकर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं, लेकिन सिलाई मशीन के अभाव में वह अपना कार्य शुरू नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि वह अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकें।मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें जल्द से जल्द सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित समाधान करना भी है, ताकि आमजन को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री के निर्देशों का तत्काल असर देखने को मिला। अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी के समन्वय से प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसी दिन शाम तक श्रीमती बबली गुप्ता को सिलाई मशीन उपलब्ध करा दी। इस त्वरित पहल ने न केवल महिला की समस्या का समाधान किया, बल्कि शिविर में मौजूद अन्य लोगों के बीच भी सरकार के प्रति विश्वास को मजबूत किया।सिलाई मशीन मिलने के बाद श्रीमती बबली गुप्ता ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इतनी तेज कार्रवाई की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। अब वह जूट बैग बनाकर स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी, जिससे उनके परिवार की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।यह घटना दर्शाती है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो आमजन की समस्याओं का समाधान तुरंत संभव है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस प्रकार के बहुउद्देशीय शिविर न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि लोगों को सरकार से सीधे जोड़ने का भी प्रभावी मंच साबित हो रहे हैं।सरकार की इस पहल से यह स्पष्ट है कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ का उद्देश्य केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू की जा रही एक प्रभावी कार्यशैली है, जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

